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आमची परंपरा
| अ . न. | श्री गुरु | संक्षिप्त माहिती | कार्य काळ |
|---|---|---|---|
| १ | भगवान श्री दत्तात्रेय | अत्रीऋषि व अनुसूया माता यांचा पुत्र ( ब्रम्हा, विष्णु, महेश एकरूप होऊन राहिले ) पंथाचे आराध्य दैवत । | सत्ययुगा पासून |
| २ | चैतन्य श्री मछिंद्रनाथ | कवी नारायणाचा अवतार, कालियुगाच्या उत्थाना साठी नाथ पंथाची स्थापना, मासोळीच्या पोटातून जन्म | द्वापारयुगापासून |
| ३ | चैतन्य श्री गोरक्षनाथ | हरी नारायणाचा अवतार, मछिंद्रनाथ ह्यांनी दिलेल्या विभूतीमुळे गाईच्या शेणातून जन्म | कली युगाच्या सुरवातीपासून |
| ४ | चैतन्य श्री गहनिनाथ | करभंजन नारायणाचा अवतार | कली युगाच्या सुरवातीपासून |
| ५ | चैतन्य श्री निवृत्तीनाथ | भगवान शंकराचा अवतार, जन्म आपेगाव व त्र्यंबकेश्वर येथे संजीवन समाधी | १२७३ – १२९७ |
| ६ | चैतन्य श्री ज्ञाननाथ (ज्ञानेश्वर महाराज ) | भगवान विष्णुचा अवतार, जन्म आपेगाव व आळंदी येथे संजीवन समाधी | १२७५ – १२९६ |
| ७ | चैतन्य श्री सत्यमलनाथ | ||
| ८ | चैतन्य श्री गुप्तनाथ | चित्रकूट मठ | |
| ९ | चैतन्य श्री परमहंस महाराज | ||
| १० | चैतन्य श्री ब्रम्हानंद | ||
| ११ | चैतन्य श्री परमानंद | ||
| १२ | चैतन्य श्री काशिनाथ | ||
| १३ | चैतन्य श्री विठ्ठलनाथ | चित्रकूट मठ | १७ वे शतक |
| १४ | चैतन्य श्री विश्वनाथ | चित्रकूट मठ | समाधी १७८६ |
| १५ | चैतन्य श्री माधवनाथ | चित्रकूट मठ, देवगाव (रंगारी) येथून कार्य व समाधी इंदोर | १८५६-१९३६ |
| १६ | चैतन्य श्री व्यंकटनाथ | देवगाव (रंगारी) | १९३६-१९९३ |
| १७ | श्री नरेंद्रनाथ महाराज | अकोला | १९९३ पासून |